अक्षय कुमार, लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में अब प्रवेश परीक्षा के नंबरों में हेरफेर का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार वर्तमान सत्र 2021-22 में हुए प्रवेश में विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में प्रवेश परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों के नंबर बदलने की शिकायत हुई। प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े लोगों ने भी मेरिट लिस्ट में हेरफेर की बात कही। खास ये कि कुलपति से भी इसकी शिकायत हुई, लेकिन इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
विवि प्रशासन ने सत्र 2021-22 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया। इसके बाद संबंधित विभागों को प्रवेश परीक्षा के अनुसार मेरिट बनाकर प्रवेश देने के लिए अधिकृत किया जाता है, जिसके लिए डीन व हेड जिम्मेदार होते हैं। जानकारी के अनुसार लोक प्रशासन विभाग में मेरिट लिस्ट बनाने में प्रवेश परीक्षा में प्राप्त नंबरों में से हेरफेर की गई। हालांकि, इसकी जानकारी व शिकायत संबंधित डीन अंबेडकर विज्ञान विद्यापीठ व कुलपति को मेल पर दी गई।
शिकायत के अनुसार लगभग 11 विद्यार्थियों के नंबर में हेरफेर की गई। शिकायती पत्र पर डीन प्रो. बीबी मलिक की ओर से विभागाध्यक्ष व प्रवेश समिति के लोगों से इस पर जानकारी मांगी गई। इसमें प्रवेश समिति के सदस्यों ने भी अपने जवाब में कहा कि विभागाध्यक्ष के निर्देश पर विभाग में मेरिट लिस्ट बनाने का काम संविदा पर नियुक्त कर्मचारी ने किया। इसमें हेरफेर की गई है। जबकि हम सभी शिक्षकों ने ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया है। इसमें यह भी आरोप है कि मेरिट लिस्ट में ऐसे अभ्यर्थियों का नाम जोड़ दिया गया जो बीबीएयू द्वारा एनटीए के माध्यम से आयोजित प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थी ही नहीं थे।
डीन ने लिखा, अनियमितता हुई
इस मामले में सभी से जानकारी लेने के बाद डीन अंबेडकर विज्ञान विद्यापीठ प्रो. बीबी मलिक ने अपनी संस्तुति विश्वविद्यालय अधिकारियों को भेजी। इसमें उन्होंने कहा कि प्रवेश समिति के पत्र से यह स्पष्ट होता है कि प्रवेश समिति को हेड पर भरोसा नहीं है। प्रवेश समिति को दबाव में लेकर प्रवेश कार्य कराया गया है। कहीं न कहीं किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। उन्होंने हेड व संविदा कर्मी को हटाने की संस्तुति की थी।
तीन महीने चला मामला, कार्रवाई ठंडे बस्ते में
विश्वविद्यालय में यह मामला दिसंबर के अंत में सामने आया। इसके बाद प्रवेश समिति के सदस्यों व हेड से स्कूल के डीन ने आख्या मांगी। अंत में फरवरी के मध्य में उन्होंने अपनी संस्तुति उच्च अधिकारियों को भेजी। इसके बाद मामला डीन एकेडमिक्स के पास गया। मामला तीन महीने से अधिक चलने के बाद भी विवि प्रशासन ने इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। कार्रवाई की जगह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
किसी तरह की गड़बड़ी नहीं
लोक प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. रिपुसूदन सिंह ने कहा कि मेरिट लिस्ट या नंबरों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है। इस तरह की झूठी शिकायत कतिपय लोगों ने की है। विश्वविद्यालय व विभाग की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष व सही तरीके से पूरी की गई है। ईडब्ल्यूएस को लेकर कुछ लोगों को नंबरों में अदला-बदली की शंका हो गई है। जल्द ही इस मामले की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी।
जल्द होगा निस्तारण
प्रवक्ता, बीबीएयू प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार ने कहा कि इस मामले में विभागाध्यक्ष से कमेंट मांगा गया था। विभागाध्यक्ष का कमेंट आ गया है, जिसे डीन एकेडमिक्स के पास भेज दिया गया है। जल्द ही इसका निस्तारण कर दिया जाएगा।