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Lucknow News: क्यूआर कोड से हुआ निस्तारण, तो कम होने लगीं शिकायतें

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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।
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लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था रंग ला रही है। इससे मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण होने लगा है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि करीब तीन महीने पहले संस्थान में कई जगह पर क्यूआर कोड लगवाए गए। इन क्यूआर कोड से काई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसे स्कैन करने के बाद उसकी शिकायत सीधे कंट्रोल रूम के साथ ही चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में पहुंचती है। कंट्रोल रूप से तुरंत उसका संज्ञान लेकर संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया जाता है।
शिकायत के निस्तारण की फाइल ऑफलाइन बनाई जाती है। इसमें शिकायत का प्रकार, शिकायतकर्ता, संपर्क किए गए व्यक्ति का ब्योरा, लिए गए एक्शन और जरूरत पड़ने पर अगर किसी से स्पष्टीकरण लिया गया तो उसकी कॉपी भी रहती है। शुरुआत में क्यूआर कोड के माध्यम से रोजाना करीब 40 शिकायतें आती थीं। दिसंबर की शुरुआत में इनकी संख्या 25 से 30 और अब 20 से कम रह गई है। इसकी वजह यह भी है कि स्टाफ को इस व्यवस्था की जानकारी है। सीधे उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचने की वजह से उनमें थोड़ा डर रहता है।
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केजीएमयू और अन्य संस्थानों में शुरू हो व्यवस्था तो बने बात
अन्य संस्थानों में भी ऐसी व्यवस्था शुरू होने पर इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। बेड क्षमता के हिसाब से केजीएमयू प्रदेश ही नहीं, देश का सबसे बड़ा संस्थान है। इतनी ज्यादा संख्या में मरीजों के पहुंचने से यहां तमाम समस्याएं भी रहती हैं। इसके बावजूद वहां सीधे अधिकारियों तक बात पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। इससे उनकी बात दबी रह जाती है। अगर क्यूआर कोड से शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था हो तो फिर मरीज और तीमारदारों को सहूलियत होगी।
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