लखनऊ। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर उत्तर प्रदेश तथा भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के इन-स्पेस और नगर विकास विभाग के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय स्पेस एप्लीकेशंस एडॉप्शन वर्कशॉप में अंतरिक्ष तकनीक विकास पर चर्चा की गई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि आधुनिक अंतरिक्ष तकनीकों के उपयोग से प्रदेश के किसानों की खेती-बाड़ी सुधारने, पैदावार बढ़ाने तथा सूखा और बाढ़ से बेहतर ढंग से निपटने में किया जाए। उन्होंने गवर्नेंस, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा नेटवर्क तथा सुरक्षित पुलों, सड़कों और नहरों की वैज्ञानिक प्लानिंग में भी इन तकनीकों के इस्तेमाल पर बल दिया।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रदेश के समस्त भूखंडों के जियोटैगिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि जियोटैगिंग से किसानों को अपने खेत की सही बाउंड्री की जानकारी मिल सकेगी और भूमि विवादों का निस्तारण आसान होगा। प्रमुख सचिव पंधारी यादव, विशेष सचिव रमेश चन्द्र. वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध उनियाल आदि ने भी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।