कैसरबाग स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते प्रांत मंत्री एबीवीपी पुष्पेंद्
लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीते 28 से 30 नवंबर के दाैरान संपन्न हुआ। अधिवेशन में पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। सभी शैक्षिक संस्थानों को एकीकृत संरचना में लाने की जरूरत, बांग्लादेशी घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती, प्राकृतिक आपदाओं के निवारण में समाज की भूमिका, विभाजनकारी ताकतों के विरुद्ध संगठित समाज की आवश्यकता और समाज परिवर्तन में युवाओं की भूमिका। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने अधिवेशन का उद्घाटन किया।
रविवार को कैसरबाग स्थित एबीवीपी के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री पुष्पेंद्र वाजपेई ने कहा कि यह अधिवेशन संगठनात्मक और वैचारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। रानी अब्बक्का कलश यात्रा, भगवान बिरसा मुंडा संदेश यात्रा और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान से जुड़ा पवित्र जल-कलश अधिवेशन के प्रमुख आकर्षण रहे। प्रेस वार्ता में केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शीतल कुमारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शुभम सेंगर, लखनऊ महानगर मंत्री सरिता पांडेय, प्रांत मीडिया संयोजक विकास तिवारी आदि माैजूद रहे।