केंद्र सरकार ने आपदा के दौरान आजीविका प्रभावित लोगों की सहायता राशि में वृद्धि का फैसला किया है। वयस्क के लिए निर्धारित राशि 60 से बढ़ाकर 100 रुपये और अवयस्क के लिए 45 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये कर दी गई है। प्रदेश सरकार इस फैसले पर अमल के लिए जल्द ही आदेश जारी करने जा रही है।
केंद्र सरकार बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, चक्रवाती तूफान व अन्य आपदाओं में ऐसे लोगों के लिए राहत सामग्री व भोजन आदि की व्यवस्था करती है जिनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित होती है। यह रकम राज्य आपदा मोचक निधि व राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से खर्च होती है। प्रदेश में हर वर्ष बाढ़, अतिवृष्टि आदि से हजारों लोग प्रभावित होते हैं। बहुत से लोगों को राहत शिविरों में समय गुजारना पड़ता है।
वर्तमान में इनके खानपान व राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर प्रति वयस्क व्यक्ति 60 रुपये व प्रति अवयस्क 45 रुपये प्रतिदिन खर्च किए जा सकते हैं। यह मानक 2015 में तय किया गया था। सरकार इस मद से एक महीने तक मदद कर सकती है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच वर्ष में महंगाई की वजह से वस्तुओं की कीमत काफी बढ़ गई है। इससे गुणवत्तापूर्ण सामग्री की उपलब्धता में मुश्किल हो रही थी। केंद्र सरकार ने राज्यों की मांग पर विचार कर निर्धारित धनराशि में वृद्धि कर दी है।