डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय अब जल, थल और वायु सेना के साथ मिलकर सैनिकों के पुनर्वसन के क्षेत्र में भी काम करेगा। तीनों सेनाओं से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और युद्ध या अन्य कारणों से दिव्यांग हुए सैनिकों के लिए विश्वविद्यालय निशुल्क कृत्रिम अंग तैयार करेगा। साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सेना के ऐसे जवानों के माध्यम से उत्साहवर्धन कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।
इस संबंध में विश्वविद्यालय और सेना के अधिकारियों के बीच शीघ्र ही एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। बृहस्पतिवार को सेना महानिदेशालय पुनर्वास मध्य जोन से कर्नल प्रशांत मिश्रा और एडिशनल डायरेक्टर जनरल आलोक अवस्थी ने विवि का भ्रमण किया। कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र में 28 जनवरी तक चल रही कार्यशाला का उद्घाटन भी किया गया।
भ्रमण के दौरान कुलसचिव रोहित सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय और हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय के साथ सैनिकों के पुनर्वसन, कोर्स निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त और दिव्यांग सैनिकों के लिए टेलर-मेड कोर्स, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण व्यक्ति, समूह या संगठन की विशिष्ट जरूरतों और लक्ष्यों के अनुसार तैयार किया जाएगा।
कुलपति आचार्य संजय सिंह के अनुसार विवि की विशेषज्ञता का लाभ सैनिकों और जवानों तक पहुंचे, इसके लिए सेना के साथ साझेदारी एक ऐतिहासिक कदम है। आने वाले समय में यह सहयोग पुनर्वसन, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करेगा।