लखनऊ। जानकीपुरम क्षेत्र के कई मोहल्लों में गंदे पानी की आपूर्ति अब भी जारी है। इसके साथ ही डायरिया के मरीज मिलने का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। क्षेत्र में शुक्रवार को डायरिया के तीन नए मरीज मिले। इनमें तीन साल की मासूम को गंभीर हालत में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी दो मरीजों का इलाज जानकीपुरम ट्राॅमा सेंटर में चल रहा है।
जानकीपुरम क्षेत्र में 20 अगस्त से डायरिया और बुखार पीड़ित मरीज मिल रहे हैं। शुक्रवार को 49 वर्षीय नरेश और 30 वर्षीय ऊषा को जानकीपुरम ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहीं, तीन वर्षीय मानसी को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मानसी की मां मुन्नी देवी के मुताबिक, मासूम को एनआईसीयू में शिफ्ट किया गया है। उसे उल्टी-दस्त के साथ ही बुखार और झटके आने की भी शिकायत है।
बीमारी फैलने के 10वें दिन शुक्रवार को मेयर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गाैरव कुमार और सीएमओ डाॅ. एनबी सिंह क्षेत्र का हाल लेने पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में सफाई की हालत देखी। उनके आने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में जगह-जगह चूने का छिड़काव किया गया। क्षेत्रीय निवासियों ने उनसे गंदे पानी की समस्या बताई। निरीक्षण के दाैरान टीम को कई घरों में गंदे पानी से बर्तन धुलने की समस्या भी मिली। मेयर ने नागरिकों से पीने के साथ ही बर्तन धुलने में भी साफ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
स्वास्थ्य शिविर में नहीं पहुंचे डायरिया के मरीज
बीमारी फैलने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग लगातार शिविर लगा रहा है। शुक्रवार को बुखार पीड़ित 18 लोग दवाएं लेने पहुंचे। इनमें एक भी मरीज डायरिया का नहीं था। डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर दवाएं दी।
असर नहीं कर रहीं लाल-पीली गोलियां
क्षेत्रवासी बीमारी फैलने के लिए नगर निगम, जलकल और स्वास्थ्य विभाग को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें लाल-पीली गोलियां दी जा रहीं हैं, जो असर ही नहीं कर रही हैं। इससे बेहतर है कि वे निजी क्लीनिक पर जाकर दवाएं लें, जो कम से कम असर तो करें।
दो की हो चुकी है माैत
क्षेत्र में अब तक डायरिया पीड़ित 12 वर्षीय सरिता और 50 वर्षीय राजेश काैशल की माैत हो चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अब भी माैत की वजह डायरिया को नहीं मान रहा है। क्षेत्र में अब डायरिया के साै से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं।
पानी में क्लोरीन की मात्रा मापी गई
क्षेत्र में जलकल, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अलग-अलग घरों से पानी में क्लोरीन की मात्रा मापने के लिए टेस्ट किया। करीब 50 सैंपल की जांच की गई, जिसमें क्लोरीन की मात्रा ठीक मिली। सात सैंपल राज्य स्वास्थ्य संस्थान में जांच के लिए भेजे गए हैं।
आप भी बरतें सावधानी-
- बासी भोजन व कटे फल के सेवन से बचें।
- पीने के पानी को 15-20 मिनट तक उबालने के बाद ठंडा करके पीएं।
- उल्टी-दस्त के लक्षण दिखाई देने पर ओआरएस का घोल बनाकर तुरंत देना शुरू करें।
- घर से बाहर जा रहे हैं तो पानी पीकर निकलें और घर से साफ पीने का पानी साथ लेकर जाएं।
- घर के अंदर व आसपास पानी जमा न होने दें।
- बुखार होने पर स्वयं से दवा न लें।
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नोट- मौसमी बीमारियों से जुड़ी जानकारी, सहयोग एवं सहायता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम नंबर-
0522-2622080
पर संपर्क कर सकते हैं।I
समिति को नहीं दी सूचना, घेरे रहे भाजपा कार्यकर्ता
जानकीपुरम विस्तार आवासीय समिति के महासचिव विनय कृष्ण पांडेय ने आरोप लगाया कि नगर निगम की टीम ने समिति को कोई सूचना नहीं दी। जानकारी करने पर पता चला कि मेयर को भाजपा कार्यकर्ता ही घेरे रहे। क्षेत्र में जलकर जमा करने के लिए लगातार मेसेज आ रहा है, लेकिन दूषित पानी की आपूर्ति बंद नहीं हुई है।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।
जानकीपुरम में महापौर सुषमा खर्कवाल।