लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन (डीपीए) उप्र की लखनऊ शाखा के सदस्यों ने रविवार को बलरामपुर अस्पताल के विज्ञान भवन सभागार में बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। शाखा अध्यक्ष अरुण अवस्थी और मंत्री कपिल वर्मा ने बताया कि डीपीए ने लखनऊ के कुल 174 सदस्यों में से हर एक का पांच लाख रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा खुद से कराया। यह दिसंबर तक लागू रहेगा।
मंत्री कपिल वर्मा ने बताया कि सीएमओ के अधीन विभिन्न अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्ट संवर्ग से ऑडिट के नाम पर जबरन दबाव बनाकर धन उगाही की जा रही है। नादरगंज स्थित उप्र औषधि वितरण निगम से फार्मासिस्ट को अपने खर्च पर जाकर सीएचसी, पीएचसी या दूसरे अस्पतालों के लिए दवाएं लानी पड़ रही हैं। दवाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सीय वस्तुओं को हर अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
तय हुआ कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही सीएमओ समेत अन्य विभागीय अफसरों से मिलेंगे। बैठक में फार्मासिस्ट संवर्ग को तैनाती स्थल पर आने वाली कठिनाइयों और उनके निराकरण पर चर्चा हुई। बैठक में डीपीए के पूर्व महामंत्री श्रवण कुमार सचान, पूर्व कोषाध्यक्ष रजत यादव, अविनाश सिंह, पवन शर्मा, रंजीत कुमार गुप्ता, चंद्रशेखर श्रीवास्तव, डीएस पांडेय, रजनीश पांडेय आदि फार्मासिस्ट रहे।