लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में रविवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। इसमें भविष्य के निर्माण में डिजिटल क्रांति पर चर्चा हुई।
विशिष्ट अतिथि शिालाओं राव ने कहा, डिजिटल प्रगति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आ हर जानकारी एक क्लिक पर सुलभ है। न्यायिक प्रक्रियाएं व विधिक अध्ययन में सरलता आई है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को तकनीक के इस्तेमाल में दक्ष बनाया जाना चाहिए, जिससे वे और प्रभावित रूप से काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई जनरेशन विश्व पर हावी होगी, क्योंकि एआई लगातार विकसित हो रही है। डॉ. अमरपाल ने कहा, तकनीक एक प्रभावी साधन है, पर इस पर ज्यादा निर्भरता हानिकारक हो सकती है।