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UP: डिजिटल पेमेंट से बसों में कम हो रहे पैसेंजरों व कंडक्टरों के झगड़े, हर महीने 50 लाख यात्रियों को लाभ

Tue, 30 Apr 2024 01:18 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

डिजिटल पेमेंट होने से रोडवेज बसों में किराये को लेकर आने वाली शिकायतें कम हो गई हैं। महज छह महीने के अंदर ही डिजिटल पेमेंट से किराया देने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिमाह 50 लाख तक पहुंच गई है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
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रोडवेज बसों में छुट्टे को लेकर यात्रियों और कंडक्टरों के बीच होने वाले झगड़ें कम हो रहे हैं। हर महीने में करीब 50 लाख यात्री डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं। ऐसे में किराये को लेकर आने वाली शिकायतें भी काफी कम हो गई हैं।

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कंडक्टरों की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन में क्यूआर कोड से पेमेंट करने की व्यवस्था की गई है। इससे यात्रियों का सफर आसान हो गया है। यह व्यवस्था गत वर्ष सितंबर में शुरू की गई थी। महज छह महीने के अंदर ही डिजिटल पेमेंट से किराया देने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिमाह 50 लाख तक पहुंच गई है।

सितंबर में शुरू होने के बाद नवंबर तक लगभग चार लाख रुपये के टिकट ही बन रहे थे। दिसंबर में यह संख्या 10 लाख और फरवरी तक 20 लाख लोगों ने डिजिटल पेमेंट का सहारा लिया। गौरतलब है कि रोडवेज के बेड़े में 12 हजार साधारण व एसी बसें हैं, जिनसे रोजाना 16 लाख यात्री सफर करते हैं।
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परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल में यह संख्या 50 लाख पार कर जाएगी। उम्मीद है कि आने वाले दो महीने में डिजिटल पेमेंट करने वालों की संख्या प्रति माह एक करोड़ पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल पेमेंट यात्रियों को काफी भा रहा है। छुट्टे को लेकर होने वाली किचकिच भी खत्म हो रही है। वहीं, किसी भी यात्री का एक भी पैसा परिचालक के पास उधार नहीं रहता है।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग भी तेज हुई है। चार से पांच हजार बसों में एडवांस टिकट बुकिंग सुविधा है। इसमें 20 लाख रुपये तक के टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। जो बसें अभी ऑनलाइन नहीं है, उन बसों में भी ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा पर काम किया जा रहा है।

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