एसजीपीजीआई में पहली बार गैस्ट्रिक पर ओरल एंडोस्कोपिक मायटॉमी (जी-पायम) तकनीक का उपयोग कर एक महिला का पाचन तंत्र दुरुस्त किया गया। इस तकनीक में सर्जरी किए बिना पाचन तंत्र के विकार को दूर किया जाता है। पीजीआई के गैस्ट्रोइंटेरोलॉजी विभाग ने सफल उपचार के बाद इस तकनीक के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में नागपुर से आए डॉ. सौरभ मुकेवार ने इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी।
गैस्ट्रोइंटेरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उदय घोषाल ने बताया कि 39 वर्षीय महिला को करीब दो साल से पाचन तंत्र की समस्या थी। इसे गैस्ट्रोपैरेसिस कहा जाता है। इस विकार में पाचन प्रक्रिया बेहद धीमी हो जाती है। इसकी मुख्य वजह मांसपेशियों की गति धीमी या निष्क्रिय होने तथा पाचन तंत्र के वॉल्व में विकार आना होता है। इस प्रक्रिया में पाचन तंत्र में मुंह के रास्ते कैमरे से युक्त एंडोस्कोप डाला जाता है। इससे अंदर के विकार दूर किए जाते हैं।