इसके अतिरिक्त उन्हें अन्य कई मामलों की जांच भी वह कर रहे थे लेकिन जांच दबाए रहने के कारण कार्यवाही नहीं हो पा रही थी। साथ ही लोगों को होने वाली परेशानी से जुड़े तमाम मामले भी विभाग में आ रहे थे। इसे देखते हुए प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने उन्हें भी मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया।
श्रावस्ती की सहायक महानिरीक्षक निबंधन और सहायक आयुक्त स्टाम्प सुनीता बाजपेयी पर भाजपा विधायक राम फेरन पांडेय ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल से लिखित में शिकायत की थी।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए सुनीता बाजपेयी को भी प्रयागराज मुख्यालय से सम्बद्ध कर लखनऊ कैम्प कार्यालय स्थित उप महानिरीक्षक निबंधन को जांच के निर्देश दिए गए हैं। आईजी स्टांप डॉ. रूपेश कुमार ने जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है।