इमरान माबूद फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि अयोध्या मामले में रिव्यू का हाल राफेल जैसा होने की ज्यादा उम्मीद है। राफेल मामले की रिव्यू कोर्ट ने इस आधार पर स्वीकार की थी कि सरकार ने गलत तथ्य रखे हैं, लेकिन फैसले में यह कहकर खारिज कर दी कि मेरिट नहीं है।
सीबीआई जांच से खुद को बचाने का प्रयास कर रहे फारूकी: अब्दुल रज्जाक
बोर्ड के दूसरे सदस्य अब्दुल रज्जाक खान भी मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन न लेने के पक्ष में हैं। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष जुफर फारूकी के रिव्यू दाखिल न करने के निर्णय का भी विरोध किया।
अब्दुल रज्जाक ने कहा कि फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने जुफर फारूकी के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड की सीबीआई जांच की संस्तुति हो चुकी है।
ऐसे में सरकार को खुश कर खुद को जांच से बचाने के लिए फारूकी इस तरह का निर्णय ले रहे हैं। अब्दुल रज्जाक ने कहा कि अपना विरोध जताने के लिए वह बैठक में शामिल हो सकते हैं।
बोर्ड में अध्यक्ष समेत हैं ये 8 सदस्य
सुन्नी वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष जुफर फारूकी समेत कुल आठ सदस्य हैं। इनमें से दो सदस्य इमरान माबूद खान और अब्दुल रज्जाक खान बार काउंसिल से हैं। एक सदस्य मोहम्मद जुनीद सिद्दीकी सरकार की ओर से मनोनीत हैं। विधायक अबरार अहमद के अलावा अदनान फर्रूख शाह, जुनैद सिद्दीकी, सैयद अहमद अली बोर्ड में शामिल हैं।