निगम के पूर्व एमडी मुकेश मेश्राम ने अप्रैल-2014 में बरेली डिपो में डीजल चोरी के मामले का खुलासा किया था। मनोज त्रिवेदी उस वक्त बरेली में तैनात थे। इस मामले की एमडी से गोपनीय शिकायत हुई थी, लेकिन जांच शुरू होते ही मुकेश मेश्राम हट गए और प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में इस मामले की जांच मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन ) को सौंपी गई थी।
नहीं हुआ निलंबन
परिवहन निगम के नियम में प्रावधान है कि जो आरोपी जांच में सहयोग न करे यानी बयान न दे तो उसे तत्काल निलंबित कर देना चाहिए, लेकिन अफसरों का संरक्षण होने के कारण क्षेत्रीय प्रबंधक व अन्य को निलंबन से बचा लिया गया।