प्रदेश की जनता इस उम्मीद में न रहे कि डीजल 3.52 रुपये प्रति लीटर सस्ता होने के बाद अब बस सफर भी सस्ता होगा। परिवहन निगम यात्री किराया कम करने से मुकर गया है।
निगम का कहना है कि डीजल भले ही सस्ता हो गया, लेकिन ईपीएफ से बोझ से जो किराया बढ़ने वाला था वह अब नहीं बढ़ेगा। सस्ते डीजल से ईपीएफ के बोझ की भरपाई की जाएगी।
निगम के वित्त नियंत्रक आलोक अग्रवाल ने ‘अमर उजाला’ से किराया घटाने के सवाल पर कहा कि केंद्र सरकार ने डीजल सस्ता करके बड़ी राहत दी है, लेकिन ईपीएफ का बोझ छह करोड़ रुपए बढ़ा दिया है।
कहा कि वर्तमान में निगम की आय और व्यय लगभग बराबर है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार प्रतिमाह पैसेंजर टैक्स के 19 करोड़ रुपये में छूट प्रदान कर दे तो बस सफर सस्ता होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
माल भाड़ा घटाएंगे: विजय
राजधानी के ट्रांसपोर्टरों ने डीजल सस्ता होने पर ट्रक का माल भाड़ा घटाने का एलान किया है। ट्रांसपोर्टरों के नेता विजय कुमार छाबड़ा ने बताया कि माल भाड़ा घटाने में जल्दबाजी नहीं होगी।
कम से कम एक महीने तक डीजल रेट की निगरानी की जाएगी। ऐसे में डीजल के रेट समान होंगे तो माल भाड़ा कम किया जाएगा। उन्होंने डीजल सस्ता करने पर केंद्र सरकार को बधाई दी है।