लखनऊ। नगराम के भौराकला गांव के पास शुक्रवार को इंदिरा नहर में कार गिरने के बाद लापता हुए दोनों मासूम रविवार रात तक भी नहीं मिले। शनिवार देर शाम तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद एसडीआरएफ टीम भी चली गई है। ऐसे में अब नहर के रेगुलेटर पर जाल लगाया गया है।
नगराम में भौराकला गांव के पास शुक्रवार को इंदिरा नहर में कार गिर गई थी। इससे कार में सवार पीलीभीत के विलसंडा के मैनी गांव निवासी रामपाल की मां रूपा देवी, पत्नी संगीता, मासूम बेटी चाहत और रिश्तेदार रूपेश की डूबकर मौत हो गई थी। जबकि संगीता के जेठ गोवर्द्धन, उनका बेटा कपिल तथा चालक कुलदीप किसी तरह बच निकले थे। मगर संगीता का बेटा रुद्रा (3) व बेटी अनन्या (7) कार का दरवाजा खुलने से पानी की तेज धारा में बह गए थे। दरअसल संगीता नगराम के अचली खेड़ा में रिटायर्ड आईएएस विजय शंकर पांडेय के फार्म हाउस पर नौकरी करने वाले अपने पिता गंगा प्रसाद मिश्र से मिलने आ रही थी।
हादसे के बाद शुक्रवार और शनिवार को एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम ने नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया मगर दोनों बच्चे नहीं मिले। ऐसे में रविवार को सर्च ऑपरेशन तो नहीं चलाया गया। मगर नहर के रेगुलेटर पर जाल लगा दिया गया है। नहर के लोनीकटरा व बछरावां चैनल पर भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। इसके अलावा घटनास्थल के पास नगराम थाने के दो सिपाहियों को तैनात किया गया है। ताकि यदि शव उतराएं तो तत्काल उन्हें नहर से निकलवा लिया जाए। आसपास के ग्रामीण भी नहर पर नजर बनाए हैं ताकि यदि शव उतराएं तो उन्हें निकलवा लें।
फॉर्म हाउस पर पसरा सन्नाटा
लखनऊ। फार्म हाउस में काम करने वाले गंगा प्रसाद मिश्र मूल रूप से सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के राजापुर गांव के रहने वाले हैं। हादसे में डूबने से मृत रूपेश उनका पोता था। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गंगा प्रसाद पोते का शव लेकर गांव चले गए थे। जबकि संगीता, उसकी सास रूपा व बेटी चाहत का शव लेकर परिवार के लोग पीलीभीत चले गए थे। ऐसे में रविवार को फार्म हाउस पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि भौराकला और अचली खेड़ा समेत आसपास के गांवों में नहर में कार गिरने के हादसे की ही चर्चा हो रही है। कोई हादसे पर दुख जता रहा है तो कोई इसे चालक की लापरवाही बता रहा है। नहर में कार गिरने के बाद बह गए रुद्रा व अनन्या के नहीं मिलने से भी कोई चिंतित तो कोई दुखी है।