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सुनिधि चौहान की आवाज ने भर दिया जोश

Mon, 02 Dec 2013 02:12 AM IST
नीरज शुक्ला/लखनऊ
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पार्श्वगायिका सुनिधि चौहान ने रविवार को लखनऊ महोत्सव की शाम अपनी मधुर आवाज से यादगार बनाई। मंच पर पहुंचकर पहले लखनऊ का इस्तकबाल किया।
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फिर अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू किया। जिसका असर देर रात तक दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता रहा। पंडाल तालियों व वंस मोर की आवाजों से गूंजता और भीड़ से खचाखच भरा रहा।

गायिका ने शुरुआत फिल्म हीरोइन के गीत ‘हलकट जवानी...’ से कर माहौल में गर्मजोशी भर दी। इसके बाद रब ने बना दी जोड़ी फिल्म के गीत ‘डांस पे चांस मार ले...’ और ‘तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना...’ पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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इसके बाद जब मंच पर कुछ देर शांति रही तो दर्शकों ने फरमाइशें करनीं शुरू कर दी। कुछ पलों बाद सुनिधि ने ‘बिन तेरे...’ गीत के तराने छेड़ दिए।

इसके बाद फिल्म डायन का गीत ‘आवारा दिल...’, बैंड बाजा बारात के ‘ऐ वई ऐ वई लुट गया...’, ‘धूम मचा ले धूम मचा ले...’, ‘शीला की जवानी...’, ‘चोरी बाजारी...,’ ‘देसी गर्ल...’, ‘माइंड ब्लोइंग माहिया...’ सहित कई गाने सुनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

सुनिधि की प्रस्तुतियों के बीच में इंडियन आइडल फाइव के रनर अप गायक राकेश ने ‘तुम ही हो...’, ‘खाइके पान बनारस वाला...’ सहित कई गीत सुनाए। राकेश के बाद दोबारा सुनिधि ने मंच संभाला।
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पार्श्वगायिका सुनिधि चौहान कहती हैं कि गानों में अश्लीलता देखना मेरी प्राथमिकता नहीं। बल्कि गानों को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत करना मेरी कोशिश रहती है।

नवोदित गायकों पर उनका कहना है कि शास्त्रीय संगीत ही सभी प्रकार के संगीत का आधार है। इसलिए शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद ही वेस्टर्न या दूसरी विधाएं सीखनीं चाहिए।

तकरीबन साल भर बाद दोबारा लखनऊ आई पार्श्वगायिका कहती हैं कि रीयलटी शो में जो कलाकार गाते हैं, ओरिजनल गायक वही होते हैं।

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