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पद इंस्पेक्टर का ठाठ राजाओं जैसा, कसमंडा हाउस में बना रखा था ‘महल’

Fri, 05 Oct 2018 02:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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धर्मशील अग्रवाल वैसे तो आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था लेकिन उनके ठाठ-बाट बिल्कुल राजाओं जैसे थे। जब सीबाआई ने उनके घर में सर्च किया तो करोड़ों की संपति का पता चला । सीबीआई ने इंस्पेक्टर धर्मशील अग्रवाल और उसके निजी सीए सम्राट चंद्रा को गिरफ्तार कर गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
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सीबीआई सूत्रों की मानें तो धर्मशील के कसमंडा हाउस में तीन फ्लैट हैं। इसमें ए ब्लॉक में 517 और 518 को मिलाकर पेंट हाउस बना लिया गया है। इसमें कुल 5 कमरे हैं। हर कमरे में करोड़ों रुपये से साज-सज्जा की गई है। बेशकीमती फर्नीचर से लैस है।

एक अन्य फ्लैट बी ब्लॉक में 406 नंबर का है। इसमें धर्मशील और उसके सीए ने अपना ऑफिस बना रखा है। सीबीआई ने गिरफ्तार करने के बाद तीनाें ही फ्लैट में सर्च किया जहां से 15 लाख रुपये की ज्वैलरी, 1.75 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी डीड और 50 बैंक खातों के दस्तावेजों को जब्त किया। इसके अलावा 50 लाख का म्युचुअल फंड और 8.5 लाख सालाना प्रीमियम की कई पॉलिसी के दस्तावेज भी जब्त किए हैं। धर्मशील के नाम से चार लक्जरी गाड़ियां भी हैं। 
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 ये है मामला

- फोटो : डेमो
सीबीआई के मुताबिक कोलकाता में जेडी टेप्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी लखनऊ  के सप्रू मार्ग स्थित एसबीआई की शाखा से श्याम वनस्पति ऑयल्ड लिमिटेड को हुए लोन की गारंटर थी। वर्ष 2009 में आयकर विभाग ने कोलकाता और लखनऊ में छापेमारी की थी और सात करोड़ की एफडी जब्त की थी।

इस एफडी को रिलीज करने के लिए कंपनी के लोग काफी समय से प्रयास कर रहे थे। इसे लेकर लखनऊ में आयकर विभाग की सेंट्रल सर्किल-द्वितीय में मामला चल रहा था। विभाग में यह मामला इंस्पेक्टर धर्मशील के पास था। लिहाजा कंपनी ने प्रत्यूष मिश्रा को अपना अधिकृत प्रतिनिधि बनाकर धर्मशील के पास भेजा तो उसने एफडी रिलीज करने के लिए दस प्रतिशत की मांग की।

इसकी पहली किस्त के रूप में दस लाख रुपये मांगे गए थे। इसकी डिलीवरी कसमंडा हाउस में फ्लैट संख्या बी-406 में सीए सम्राट चंद्र को होनी थी। प्रत्यूष ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। इसी आधार पर सीबीआई ने दस लाख रुपये के साथ इंस्पेक्टर धर्मशील और सम्राट को गिरफ्तार कर लिया।
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