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बदायूं गैंगरेप: डीजीपी ने किया नया खुलासा

Sun, 08 Jun 2014 08:20 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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बदायूं में दो किशोरियों के गैंग रेप के बाद पेड़ पर फांसी से लटकाने के सनसनीखेज मामले में डीजीपी एएल बनर्जी ने शनिवार को एक नया खुलासा किया।
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घटना के 11 दिन बाद डीजीपी मीडिया के सामने आए और कहा कि एक्सपर्ट जांच में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि इसमें क्राइम की वजह कुछ और भी हो सकती है। संपत्ति हथियाने या फिर ऑनर किलिंग की भी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।

डीजीपी ने इस मामले में सभी आरोपियों का नार्को व लाइव डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। यह जांच बंगलुरू में कराई जाएगी।
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'मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला दबाने से हुई मौत'

पुलिस महानिदेशक ने शनिवार को एनेक्सी में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि बदायूं कांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी के फंदे से लटकाना पाया गया था।

लेकिन जब इसकी एक्सपर्ट ने गहराई से जांच की तो मौत मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला दबाकर होना पाया गया है।

घटना स्थल के पास से पुलिस को बीयर की चार बोतलों के ढक्कन व दो गिलास बरामद हुए हैं। इसके अलावा खून से सनी हुई एक रूई भी मिली है।

यह सुबूत उस पेड़ से 70 गज की दूरी पर मिले हैं। पुलिस इनकी गहराई से जांच कर रही है।

मामले की तह तक जाने में लगी पुलिस

27 मई की जिस रात यह घटना हुई उस दिन इन लड़कियों के रिश्तेदारों सहित कई लोगों के फोन कॉल भी खंगाले जा रहे हैं। उस रात काफी अनावश्यक बातें भी हुई हैं।

फिलहाल इनका खुलासा नहीं किया जा सकता है। दरअसल इसमें से एक किशोरी अपने मां-बाप की अकेली संतान थी।

इसलिए संपत्ति हथियाने की वजह से भी हत्या किए जाने को इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने माना इसमें जो गिरफ्तार हुए हैं वे निर्दोष भी हो सकते हैं।

पुलिस इस मामले की तह तक जाने में लगी है। इस मौके पर उपस्थित मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बाद में कहा कि दरअसल, अब यह मामला सीबीआई जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भेज दिया गया है। इसलिए इस पर और कुछ बताना अभी ठीक नहीं है।
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पीड़ित परिवार बोला, पुलिस पर भरोसा नहीं

दो बहनों की दुराचार के बाद हत्या के मामले में डीजीपी एएल बनर्जी की ओर से ऑनर किलिंग की आशंका जताए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने उप्र पुलिस पर ही सवाल उठा दिए।

पीड़ित परिवार ने कहा, उन्हें पुलिस की जांच पर न पहले ऐतवार था और न अब है। वह शुरू  से ही सीबीआई जांच की मांग इसीलिए कर रहे हैं। आज भी उसी मांग पर कायम हैं। इससे कम उन्हें कुछ नहीं चाहिए। सीबीआई उनसे जो भी चाहे, पूछताछ कर ले।

डीजीपी की प्रेस कांफ्रेंस के बाद छोटी बेटी के पिता से अमर उजाला ने बात की, तो उन्होंने कहा कि पुलिस सत्ता पक्ष के दवाब में है।

वह मारपीट करने के अलावा और कोई हथकंडा अपनाकर किसी से कुछ भी कबूल करा सकती है पर सरकार के दबाव में सही से तफ्तीश नहीं कर पा रही।

उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश सरकार पर ही भरोसा नहीं है, ऐसे में पुलिस या कोई और अधिकारी कुछ भी कहें, उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
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