संभल जामा मस्जिद के बाहर तैनात पुलिस
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यूपी के संभल में कोर्ट के आदेश पर मस्जिद का सर्वे करने के दौरान पत्थरबाजी करने वालों पर पुलिस कड़ा एक्शन लेगी। डीजीपी प्रशांत कुमार ने यह साफ किया है कि पत्थरबाज बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर संभल में सर्वे कराया जा रहा है। कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया है। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस पत्थरबाजों की पहचान करके उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
बताते चलें कि जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर प्रकरण को लेकर पुलिस-प्रशासन निगरानी बनाए हुए हैं। वर्ष 2019 में हुए बवाल से सबक लेते हुए ही जुमे की नमाज के दौरान मुरादाबाद और बरेली मंडल के जिलों की पुलिस और पीएसी व आरआरएफ की तैनाती की गई। इस बार सर्वे के दौरान शहर में 1500 से ज्यादा फोर्स तैनात की गई थी।
पुलिस पर पत्थरबाजी की गई
20 दिसंबर 2019 में जुमे की नमाज के बाद ही भीड़ नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में सड़कों पर उतर गई थी। इस दौरान बवाल हो गया था। दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस बवाल से एक दिन पहले यानि 19 दिसंबर को भी रोडवेज बसों में आग लगा दी थी। पुलिस पर पत्थरबाजी की गई थी।
15 दिन कैंप करना पड़ा
इन दोनों ही दिन के बवाल में फोर्स का अभाव रहा था। तत्कालीन आईजी मुरादाबाद रमित शर्मा जो वर्तमान में एडीजी बरेली हैं। उन्हें 15 दिन कैंप करना पड़ा था। बवाल की तस्वीर उन्होंने देखी थी। इसके चलते ही शासन को पत्र लिखकर पीएसी बटालियन की मांग भी की थी। संभल के लिए पीएसी बटालियन मंजूर हो गई है। मुरादाबाद की 24वीं बटालियन को स्थानांतरण संभल में किया गया है।