अपराधियों की पहचान और निगरानी की जा रही
साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि कोरोना काल के बाद ऑनलाइन अपराध तेजी से बढ़े हैं। इससे निपटने के लिए 62 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। साइबर ठगी से जुड़े मामलों में अब तक 450 करोड़ रुपये की धनराशि रोकवाई गई है, जो देश में सबसे बड़ी कार्रवाई में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों की मदद से अपराधियों की पहचान और निगरानी की जा रही है, जिससे कई फरार अपराधी गिरफ्तार हुए हैं।
पुलिस कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बताया कि दुर्घटनाओं और ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को 137 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। 51 हजार पुलिसकर्मियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है और 200 क्षमता वाले छात्रावासों के निर्माण की योजना बनाई गई है।