पुलिस वीक में परेड के दौरान खड़े जवान
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की छवि में सुधार की अभी भी काफी गुंजाइश है। इसके लिए जब तक हम समाज के वंचित वर्गों महिलाओं, वृद्ध नागरिकों, बच्चों और अन्य दुर्बल समुदायों के प्रति अपने पूर्वाग्रहों को नहीं बदलते तब तक हमारी छवि में सुधार नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस कर्मियों की वजह से पुलिस की छवि धूमिल होती है। वहीं कुछ ऐसे संजीदा और संवेदनशील पुलिस कर्मी भी हैं जो रास्ते में आम जन को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराते हैं और जाड़े में ठंड से ठिठुर रहे गरीबों के मसीहा बनकर कंबल भी बांटते नजर आते हैं। डीजीपी ने कहा कि जनता के साथ अटूट बंधन की आवश्यकता है इसके लिए हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा।