लखनऊ। एयरपोर्ट पर पुलिस की ओर से प्रोटोकॉल न मिलने पर वित्त विभाग के एक डीजी भड़क गए। नाराज डीजी ने एयरपोर्ट चौकी प्रभारी को निलंबित करवाने की बात कह डाली।
साथ ही बृहस्पतिवार को होने वाली जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम से संबंधित बैठक में पुलिस अधिकारियों को मौजूद रहने के लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख दिया। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को वित्त विभाग से संबंधित एक परियोजना के डीजी के पीआरओ ने एयरपोर्ट के चौकी प्रभारी को कॉल कर उन्हें प्रोटोकॉल देने की बात कही थी।
चौकी प्रभारी व इंस्पेक्टर सरोजनीनगर ने असमर्थता जताई थी। इस बात से डीजी इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने चौकी प्रभारी को हटवाने की धमकी दे डाली। इतना ही नहीं 13 जून को डीजी ने पुलिस कमिश्नर को एक पत्र भेज दिया।
पत्र में उन्होंने 13 जून को डीजी के गोमतीनगर स्थित कैंप कार्यालय में जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम की एक बैठक होने की बात लिखी। साथ ही बैठक में डीसीपी क्राइम, एडीसीपी और इंस्पेक्टर सरोजनीनगर को भेजने की बात भी लिखी।
इस पर पुलिस अधिकारी ने आपत्ति जताते हुए डीजी को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने लिखा कि शारदा घोटाले व अन्य बड़े घोटालों की जांच यहां तैनात अधिकारी कर चुके हैं।
आपके विभाग की ओर से अन्य जांचों में अभी तक क्या किया गया है। वहीं, आपके द्वारा की जा रही ऐसे आर्थिक अपराधों के मामलों की जानकारी डीसीपी क्राइम, एडीसीपी व इंस्पेक्टर सरोजनीनगर को है ही नहीं।
अगर कोई बड़ा घोटाला है तो जेसीपी स्तर के अधिकारी ऐसी बैठक में बुलाए जाएं। इसके चलते इन पुलिस अधिकारियों को बैठक में मौजूद होने की आवश्यकता नहीं है।