अस्थाई जेलों में कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया जिससे कि स्थाई जेलों में भी कोरोना के मामले काफी बढ़ गए हैं। इसे लेकर डीजी जेल आनंद कुमार ने चिंता व्यक्त की है और सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है।
पत्र में डीजी जेल ने लिखा कि कुछ जिलों में कैदियों का कोरोना टेस्ट बहुत कम हुआ है जबकि अधिक से अधिक टेस्टिंग से ही कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सकता है। इसी तरह कुछ जिलों में अस्थाई जेलों में बंद कैदियों को निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किए बिना मुख्य जेलों में भेज दिया गया। जिससे मुख्य जेलों में कोरोना मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई। प्रोटोकॉल की अनदेखी से अस्थाई जेल जिस उद्देश्य से बनाई गई थी उसे आघात पहुंचा है।
आनंद कुमार ने बलिया, झांसी, इटावा और बस्ती जिलों की जेलों की बैरक एल 1 को कोविड 19 अस्पताल के रूप में चिन्हित करने और यहां 200 से अधिक बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को रखने की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था अन्य जेलों में भी होनी चाहिए। बता दें कि बलिया जेल में कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों को रखा गया था जिनकी रिपोर्ट 10 दिन में निगेटिव आ गई थी।