लखनऊ। चिनहट मटियारी सि्थत होटल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को गोवर्धन पर्वत का प्रसंग का बखान हुआ। कथावाचक राघव ऋषि ने कहा कि रासलीला जीव और प्रभु के मिलन की लीला है। भक्ति से तनाव दूर होता है। सुख और शांति का अनुभव होता है। मां लक्ष्मी की पूजा धन के लिए नहीं जितना धन है उसी में संतुष्टि मिल जाए ऐसे भाव से करनी चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और हमेशा उनकी कृपा बनी रहेगी। रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र आदि प्रसंगों को सुनाया गया। ऋषि सेवा समिति की ओर से यह आयोजन किया गया। संयोजक विनोद पांडेय कुलदीप मिश्र, राधाकृष्ण यादव, उदयभान चौबे, अविनाश टिक्का, सच्चिदानंद पांडेय, अरुण चौधरी, जसपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।