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रामनगरी में बयां हो रही दिव्य-अलौकिक राममंदिर की चाहत, रामशिलाओं पर माथा टेक रहे भक्त

Sat, 22 Feb 2020 10:49 AM IST
शाहरुख खान नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
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पत्थरों को देखते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
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रामनगरी में अतिशीघ्र दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण की चाहत बयां हो रही है। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से रामलला के हक में निर्णय आने के बाद जहां रामजन्मभूमि पर अलौकिक राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है तो वहीं रामजन्मभूति तीर्थ क्षेत्र का गठन होने के बाद से अतिशीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने की उत्सुकता अयोध्या वासियों में ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं में चरम पर पहुंच गई है। 
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रामनगरी का कोना-कोना इस समय आस्था के केंद्र में हैं। महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। श्रद्धालुओं ने भोलेबाबा का अभिषेक-पूजन किया तो वहीं रामलला के दरबार में जाना भी नहीं भूले। यह उनकी उत्कंठा ही है क्योंकि इस बात की उन्हें खुशी है कि अब उनके आराध्य शीघ्र दिव्य-भव्य भवन में विराजने वाले हैं।

राममंदिर का निर्णय आने और ट्रस्ट गठन के बाद मंदिर निर्माण शुरू होने की तारीख पखवाड़े भर बाद प्रस्तावित ट्रस्ट की अयोध्या में होने वाली अगली बैठक में तय होनी है। सबकी निगाहें अब इस बैठक पर टिकी हैं। उत्सुकता के हिलोर में आसपास सहित विभिन्न प्रांतों से लेकर अप्रवासी भारतीय तक शामिल होते हैं। रामलला दर्शन मार्ग पर शुक्रवार को भक्तों का तांता लगा रहा।
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गुजरात की श्रद्धालु दक्षापुरोहित ने कहा कि अब अयोध्या आकर शांति का अनुभव होता है। राममंदिर अब जल्दी बनना चाहिए, भव्य बनना चाहिए। रामलला हमारे दिल में रहते हैं, उनकी रिहाई हमारे अस्तित्व की लड़ाई थी जो हमने अब जीत ली है। स्वामी धीरचंद पुरोहित बोले कि अब तो नजरें रामलला को भव्य मंदिर में देखने को आकुल हैं।

हनुमानगढ़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं का रेला जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए बढ़ा चला जा रहा था। दर्शन कर लौट रहे कानपुर के श्रद्धालु सचिन दूबे बोले कि अरसे की साध अब पूरी होने वाली है, यह सोचकर ही मन आह्लादित है कि अब रामलला टेंट से आजाद होंगे। ट्रस्ट को शीघ्र ही राममंदिर निर्माण की तिथि घोषित करनी चाहिए।

दंतधावन कुंड तिराहे पर मौजूद सरदार चरनजीत सिंह ने कहा कि वर्षों का संघर्ष अब फलीभूत होता नजर आ रहा है। सिख समुदाय भी राम में गहन निष्ठा रखता है। जब राममंदिर का निर्माण शुरू होगा तो सिख समुदाय भी कारसेवा करेगा, हम सबको राममंदिर निर्माण शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।

रामशिलाओं पर माथा टेक रहे भक्त
रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला वर्तमान में भक्तों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है। यहां सुबह से लेकर शाम तक जय श्रीराम का उद्घोष यह बयां करता है कि रामनगरी में भव्य राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने से सभी उत्साहित हैं। रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्त, कार्यशाला तक जरूर जाते हैं। 

उनमें राममंदिर निर्माण की तैयारी को लेकर उत्सुकता होती है तो कार्यशाला में जमा की गईं रामशिलाओं के प्रति उनमें आस्था भी दिखती है। म्यांमार से आए श्रद्धालु धनाबालन व सुंदरम मूर्ति, नासिक के सुनील कुलकर्णी, बिहार के कृष्णा कुमार व राजन सिंह रामशिलाओं पर माथा टेककर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। धनाबालन व सुंदरम मूर्ति ने कहा कि न्यूज में राममंदिर निर्माण की बात सुनी है। अयोध्या में अतिशीघ्र राममंदिर बनना चाहिए। राममंदिर बन जाएगा तो दर्शन करने फिर आएंगे।
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10610 भक्तों ने किए रामलला के दर्शन

राममंदिर का फैसला आने व ट्रस्ट गठन के बाद रामलला के दर्शन को लेकर भक्तों की उत्कंठा तेज हुई है। बड़ी संख्या में भक्त रामलला के दरबार में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को रामलला के दरबार में 10610 भक्तों ने माथा टेका। पहली पाली में 4410 भक्तों ने जहां रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई तो वहीं दूसरी पाली में 6200 भक्तों ने माथा टेका। रामलला का दर्शन कर लौटे कोलकाता के सुमंत मुखर्जी ने कहा कि राममंदिर ऐसा बनना चाहिए जो दुनिया में नंबर वन हो।
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