मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2016 से यह मामला लगातार चल रहा था, लेकिन पिछली सरकारों में विकास के प्रति स्पष्ट सोच नहीं थी। किसानों, मजदूरों, खेती के मुद्दे पर चर्चा की फुर्सत नहीं थी। फुर्सत तब होती जब लूट-खसोट और दूसरे कामों से फुर्सत मिलती। इसलिए प्रदेश लगातार पिछड़ता जा रहा था।
उन्होंने कहा, अनेक जगह से हवाई अड्डा के लिए प्रस्ताव आए थे, लेकिन मेरे मन में था कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बने। इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा वरन दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने से प्रदेश की 23 करोड़ जनता गौरवान्वित होगी। उन्होंने स्थानीय विधायक व सांसद से बात की। उनका रुख सकारात्मक था। उन्होंने किसानों से बातचीत करके सकारात्मक माहौल बनाया।
7 हवाई अड्डों का संचालन शुरू, 17 हवाई पट्टियों पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई वर्ष पहले जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो सिर्फ दो एयरपोर्ट थे, लखनऊ और वाराणसी। अब गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा व हिंडन समेत 7 हवाई अड्डों से वायु सेवा प्रारंभ हो चुकी है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से 17 हवाई पट्टियां लावारिश पड़ी हुईं थी। इनकी मरम्मत का काम प्रारंभ हो चुका है। कुशीनगर में भी नया एयरपोर्ट बन रहा है। आगरा और कानपुर सिविल टर्मिनल के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। अयोध्या में नया हवाई अड्डा बनाने जा रहे है। बेहतर एयर कनेक्टविटी हम इसलिए दे रहे हैं ताकि प्रदेश और यहां के लोगों का विकास हो सके।