लखनऊ विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्र।
लखनऊ। महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना केवल कानूनों से नहीं, बल्कि सही समाजीकरण से विकसित होती है। बच्चों को बचपन से ही ऐसे संस्कार और मूल्य दिए जाएं जो महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और उनके योगदान की सराहना करना सिखाएं। यह विचार सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन संस्थान की ओर से किया गया। समन्वयक डॉ. मानिनी श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं के साथ एक वृद्धाश्रम में रहने वाली महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। यदि बचपन से ही समानता और सम्मान की शिक्षा दी जाए तो महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच स्वतः विकसित होगी। इस अवसर पर डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. संजू त्रिपाठी, सरिता, रोमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।