लखनऊ। लक्ष्य प्राप्ति के लिए सेवा, समर्पण और संकल्प शक्ति आवश्यक है। इसके बिना लक्ष्य को हासिल कर पाना असंभव है। ये बातें कथा वाचक डॉ. योगेश व्यास ने सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कहीं। सोमवार को कथा में श्रीकृष्ण ने बकासुर, अघासुर और धेनुकासुर के वध का वर्णन किया गया। साथ ही महारास और रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। इस दौरान आयोजक अनुराग पांडेय, अजीत व्यास, राजू शर्मा, अजय कश्यप, आशीष शुक्ला आदि मौजूद रहे।