महाराजगंज में 'हवा' में ही 27 करोड़ की सड़क मंजूर करवा लेने के मामले में परत दर परत गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत इस प्रोजेक्ट में रकम हड़पने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में सड़क की लंबाई के बाद सड़क की भूमि की चौड़ाई भी गलत दर्ज की गई है।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने 16 मीटर चौड़ी राजमार्ग की भूमि को 30 मीटर दिखाकर डीपीआर भी मंजूर करा ली थी। ‘अमर उजाला में महाराजगंज में एनएच-730 के रामनगर से सिसवा बाबू सेक्शन के इस निर्माणाधीन सड़क का खुलासा किया था।
इसके बाद आनन-फानन में अफसरों ने शनिवार को छुट्टी के बावजूद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय का संबंधित दफ्तर खुलवाया और दोषी तत्कालीन एक्सईएन के खिलाफ आरोपपत्र फाइनल करके शासन को भेजा। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को आरोपपत्र संबंधित अधिकारी को भेज दिए जाएंगे।
यह है पूरा मामला
वर्ष 2018 में सिसवा बाबू सेक्शन के 21.12 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए 185.18 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी। जबकि, सड़क के इस भाग की लंबाई कुल 18.39 किलोमीटर ही है।