इस बार लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर किए खर्च का ब्योरा भी प्रत्याशियों को देना पड़ेगा। ऐसे प्रचार पर जला स्तरीय मीडिया अनुश्रवण मॉनिटरिंग कमेटी में गठित सोशल मीडिया प्रकोष्ठ नजर रखेगा। हाट्सएप पर चुनावी विज्ञापन देने से पहले भी प्रत्याशी को कमेटी की मंजूरी लेनी होगी।
सोशल साइट्स से जुड़े फेसबुक, ट्विटर पर लाइव के लिए इसकी अनुमति जरूरी नहीं होगी। सिर्फ लाइव कार्यक्रम में आदर्श आचार संहिता का पालन आवश्यक होगा। लाइव कार्यक्रम के बाद इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग को प्रचार के लिए इस्तेमाल करने पर कमेटी से अनुमति लेनी होगी।
स्टार प्रचारक का खर्च साथ जुटे प्रत्याशियों में बंटेगा
रैली में आने वाले स्टार प्रचारक से जुड़ा खर्च इसमें शामिल होने वाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च में बराबर-बराबर बंटेगा। हालांकि स्टार प्रचारकों के यात्रा व्यय को चुनावी खर्च का हिस्सा नहीं माना जाएगा। यदि उसके वाहन की सुविधा साझा करता है तो इस खर्च का पांच फीसदी हिस्सा ही चुनाव खर्च में जुड़ेगा।
प्रचार वाहनों पर दिखाना होगा प्रत्याशियों का नाम
प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार की अनुमति से जुड़े प्रचार वाहनों पर संबंधित प्रत्याशियों का दर्ज नाम दिखाना जरूरी होगा।