कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करतीं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. जय मदान। -संवाद
लखनऊ। जैसा आप सोचते हैं, वैसा ही आप बन जाते हैं। यह कहावत सबने सुनी है। बहुत से लोग इसे सही नहीं मानते, लेकिन यह सच है। किस्मत का बदलना सिर्फ जादू नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। जब हम अपनी सोच बदलते हैं, तो हमारे काम करने का तरीका भी बदल जाता है। इससे परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। हमारा दिमाग एक सर्च इंजन की तरह है, आप इसमें जो कीवर्ड डालेंगे, यह आपको वही नतीजे दिखाएगा।
ये बातें शुक्रवार को प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफस्टाइल कोच डॉ. जय मदान ने कहीं। वह फिक्की फ्लो की ओर से सुशांत गोल्फ सिटी सि्थत होटल में आयोजित सीक्रेट ऑफ मैनिफेस्टेशन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रही थीं। उन्होंने जोर दिया कि नकारात्मक मान्यताओं को छोड़कर खुद पर अटूट विश्वास रखना ही संकल्प से सिद्धि का मार्ग है। चिकित्सा विज्ञान का भी यह मानता है। इससे कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर कम होते हैं। भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने से घबराहट कम होती है। सकारात्मक सोच हमें असफलताओं से टूटने नहीं देती, बल्कि फिर से उठने की हिम्मत देती है। इस दौरान उन्होंने मेडिटेशन भी कराया और इसका महत्व भी समझाया। कार्यक्रम का सफल संचालन पल्लवी गुप्ता ने किया और इसकी अध्यक्षता अनीशा जैन ने की। इस अवसर पर अंजू नारायण, आरुषि टंडन, वंदिता अग्रवाल, निवेदिता सिंह, मिताली ओसवाल, प्रज्ञा अग्रवाल, अदिति जग्गी रस्तोगी आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करतीं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. जय मदान। -संवाद
कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करतीं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. जय मदान। -संवाद
कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करतीं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. जय मदान। -संवाद