पिछले दिनों पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने हटाए थे कई कब्जे।
- फोटो : File photo
लखनऊ। हाईकोर्ट के आदेश पर पुराना हाईकोर्ट परिसर, जिला सत्र न्यायालय, निबंधन कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास सड़क फुटपाथ पर कब्जा कर बनाए गए चैंबरों को तोड़ने को लेकर 17 मई को विशेष अभियान चला था। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम शामिल थी। उस दिन करीब 100 कब्जे तोड़े गए थे, मगर विरोध और बवाल के कारण करीब 50 अवैध निर्माण बच गए थे। इन्हें 24 मई तक तोड़ा जाना था, मगर ऐसा नहीं हो सका। अब 25 मई को इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई भी लगी है।
कब्जे तोड़ने से पहले नगर निगम ने 12 मई की सुबह पुराना हाईकोर्ट परिसर, जिला सत्र न्यायालय, निबंधन कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने और पीछे वाली रोड पर अवैध रूप से बनाए गए वकीलों के चैंबरों पर नोटिस चस्पा किए थे। समाचार पत्रों में भी सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। इनमें 16 मई तक का समय खुद कब्जा हटाने के लिए दिया गया था।
17 मई को कब्जा हटाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया, जिसमें करीब 100 कब्जे टूट गए थे और करीब 50 कब्जे तहसील वाली रोड पर विरोध के चलते बच गए थे। कहा गया था कि यह भी कोर्ट की सुनवाई से पहले यानी 24 मई तक तोड़ दिए जाएंगे, लेकिन वकीलों का विरोध लगातार जारी है। ऐसे में प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई नहीं की। इस बारे में नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि इस समय जनगणना चल रही है। वह इसमें व्यस्त हैं। अभियान संयुक्त रूप से चलना है। जब तारीख तय होगी, तब उनकी टीम भी जाएगी।
पिछले दिनों पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने हटाए थे कई कब्जे।- फोटो : File photo
पिछले दिनों पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने हटाए थे कई कब्जे।- फोटो : File photo
पिछले दिनों पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने हटाए थे कई कब्जे।- फोटो : File photo