अयोध्या परिक्रमा करते राजस्थान से आए श्रद्धालु और संतगण
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रामनगरी का प्रांतीयकृत कार्तिक परिक्रमा मेला आगामी 23 नवंबर से शुरू हो रहा है। इस बार कोरोना के चलते प्रशासन ने परिक्रमा को लेकर सशर्त अनुमति दी है लेकिन, साथ ही साथ बाहरी श्रद्धालुओं से अयोध्या न आने की अपील भी की जा रही है। वहीं, बुधवार को राजस्थान व हरियाणा से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन-पूजन के बाद अचानक पंचकोसी परिक्रमा शुरू कर दी। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर चल पड़े तो, प्रशासन ने उन्हें रोककर वार्ता की और कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए परिक्रमा करने की अनुमति दी।
बुधवार की सुबह राम नगरी अयोध्या के चतुर्दिक 5 कोस की परिधि में होने वाली पंचकोसी परिक्रमा पथ पर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ सैकड़ों श्रद्धालु दंडवत परिक्रमा करते नजर आए। देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रत्येक वर्ष वह अलग-अलग तीर्थ क्षेत्रों की परिक्रमा करते हैं। इस बार राम नगरी अयोध्या में परिक्रमा करने का उनका कार्यक्रम था। लेकिन, 22 नवंबर से अयोध्या की सीमा सील हो जाएगी। इसलिए उससे पहले ही वह भगवान राम की नगरी अयोध्या की परिक्रमा पूरी कर रहे हैं। आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष अक्षय नवमी पर लाखों राम भक्त श्रद्धालु अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा करते हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण आयोजन को सीमित कर दिया गया है। अब अयोध्या के रहने वाले लोगों को ही परिक्रमा की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए श्रद्धालु के पास अयोध्या का आधार कार्ड भी होना चाहिए। यही कारण है कि अयोध्या के बाहर के श्रद्धालु 22 नवंबर से पहले ही अयोध्या पहुंचकर परिक्रमा कर रहे हैं।
बाहरी श्रद्धालु न आएं अयोध्या : एसपी सिटी
एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि परिक्रमा मेले पर रोक नहीं लगाई गयी है। दर्शन-पूजन भी सामान्य तरीके से चल रहा है। चूंकि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है इसलिए परिक्रमा को सीमित किया गया है। स्थानीय लोगों को ही परिक्रमा करने की अनुमति रहेगी, बाहरी श्रद्धालुओं से अपील है कि कोरोना को देखते हुए वे परिक्रमा करने अयोध्या न आएं और कोरोना से जारी जंग में अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करें। उन्होंने बताया कि कुछ श्रद्धालु बुधवार को अयोध्या पहुंचते थे उन्हें कोरोना की गाइडलाइन के तहत परिक्रमा करने दिया गया है।