बुलंदशहर के सपा विधायक जय भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित ने मुस्लिमों की एक सभा में कहा यूपी का खूनी पंजा कल्याण सिंह है। डिबाई में कल्याण सिंह की कब्र बन गई है। कल्याण सिंह की कब्र में अब आपको मिट्टी डालनी है।
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इन दिनों इस तरह के बयान लगातार चर्चा में आ रहे हैं और यह तब है जब नेताओं पर कार्रवाई भी की जा रही है।
लोकसभा चुनाव में सहारनपुर से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद की बदजुबानी उन्हें जेल तक पहुंचा चुकी है, पर लगता है चुनावी लाभ के चक्कर में सियासी सूरमा इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
आजम खां द्वारा भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह को ‘गुंडा नंबर-1’ व सपा विधायक जय भगवान शर्मा उर्फ गुडडू पंडित द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कल्याण सिंह की कब्र खोदने जैसे बयान तो इसी का संकेत कर रहे हैं।
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चर्चा में रहने के लिए कुछ भी बोलेंगे
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खास सिपहसालार अमित शाह के ‘बदला’ और ‘मुल्ला मुलायम’ वाले बयान को लेकर उनके खिलाफ दो-दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
चुनाव आयोग बयान का संज्ञान लेकर उन्हें नोटिस जारी कर चुका है, पर शायद चर्चा में बने रहने के लिए प्रदेश सरकर के कद्दावर मंत्री आजम खां को इतने भर से संतोष नहीं था।
फैजाबाद में अयोध्या को ‘कलंक की नगरी’ बताकर फिर सफाई देने के बाद गाजियाबाद में मोदी और शाह पर हमला बोलते-बोलते वे शाह को ‘गुंडा नंबर-1’ तक बता गए।
मोदी पीएम बना तो सोंच लो क्या हश्र होगा
सपा सरकार में प्रमुख पद रखने वाले आजम खां ने मोदी के बारे में बयान दिया कि...वह (नरेंद्र मोदी) हिंदुस्तान का वजीर-ए-आजम बनने का सपना संजोए बैठा है और हमें व 1/5 आबादी के बारे में असंसदीय शब्द कहता है।
यदि वह सही में प्रधानमंत्री बन गया तो क्या हश्र होगा? खुद की सोच लो।.. अमित शाह तो यूपी को गुजरात बनाने के लिए भेजा गया है।
गुजरात में आग लगाने के बाद वह यूपी में आग लगाने, दहशत फैलाने आ गया है।...वह गुंडा नंबर-1 व मजलूमों का कातिल है।
बुलंदशहर के सपा विधायक जय भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित ने मुस्लिमों की एक सभा में कहा यूपी का खूनी पंजा कल्याण सिंह है। डिबाई में कल्याण सिंह की कब्र बन गई है। कल्याण सिंह की कब्र में अब आपको मिट्टी डालनी है।
भाजपा को उम्मीद, जवाब मतदाता देगा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां को सपा की संभावित करारी हार और उसके बाद अपने पाप के बोझ से भरभराकर गिरती सूबे की सरकार का अंदाजा हो गया है।
वे जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं, वह उनकी हताशा, निराशा ओर बौखलाहट का परिणाम है। आजम खां के गैरजिम्मेदाराना बयान के रिकॉर्ड इकट्ठा करवा रहे हैं।
चुनाव आयोग से शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। रही गुड्डू पंडित की बात, तो वह अपने अस्तित्व पर मंडराते हुए खतरे को देखकर बौखलाहट की सारी हदें पार कर गए हैं।
मतदाता उनके निंदनीय बयान का जवाब वोट के जरिये देकर उन्हें उनकी जगह पर भेजने का मन बना चुके हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के दर्शन शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केसी पांडेय का कहना है कि अभी बड़ी तादाद में ऐसे मतदाता हैं जो भावनाओं के जोश में आकर वोट करते हैं न कि तर्क की कसौटी पर।
राजनीतिक दलों के नेता ऐसे मतदाताओं का वोट पाने के लिए ‘मुल्ला-मुलायम’, ‘गुंडा नंबर-1’, हत्यारा ‘जीजाजी-दामादजी’ जैसे हल्के व निजी आक्षेप वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
इससे लोगों की भावनाएं उफान मारने लगती हैं और वोटों का ध्रुवीकरण आसान हो जाता है।
आजकल पश्चिमी यूपी में जो कुछ सुनाई व दिखाई पड़ रहा है, वह वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश भर है। हालांकि मतदाता जागरूक हो रहे हैं। धीरे-धीरे यह दौर खत्म होता जाएगा।