उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय से लेकर अब तक संभल में एससी, एसटी समाज हो या रस्तोगी-दुबे परिवार के सदस्य, डेमोग्राफी बदलने में किसी को भी बख्शा नहीं गया। 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से पलायन रूका है। संविधान के दायरे में रहकर सरकार धर्मांतरण, लव जेहाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और न्यायालय के माध्यम से कड़ी सजा दिला रहे हैं। हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।
आतंक का अड्डा बनाने चाहते थे तत्कालीन सीएम
उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा सरकारों को आड़े हाथ लिया। बोले कि इन सरकारों ने तुष्टिकरण व वोटबैंक की राजनीति की। 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सरकार में तुष्टिकरण की हद बहुत अधिक हो गई थी। अयोध्या, वाराणसी व लखनऊ में बम विस्फोट करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे पहली कैबिनेट में ही वापस लिए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश में सपा की वापसी की गुंजाइश खत्म हो गई है। बिहार का परिणाम भाजपा के पक्ष में होगा।
पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है। संभल में हिंसा की घटना के बाद 68 से अधिक पौराणिक स्थलों व 19 प्राचीन कूपों को कब्जे से मुक्त कराकर पुनः उनका स्वरूप प्रदान करने का काम किया गया है। संभल में 1067 अतिक्रमण हटाकर 73 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई है। मस्जिद, मजार, मदरसे व कब्रिस्तान से भी 37 अवैध कब्जे हटाए गए। शासन किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
संभल में दो नए थाने बने, बिजली चोरी के लिए चला अभियान
उन्होंने बताया कि संभल में कानून व्यवस्था के लिए दो नए थाने व 45 नई चौकी स्थापित की गईं। संभल में कभी बिजली चोरी 82 प्रतिशत थी, जो अब 18 प्रतिशत है। वहां लोग फर्जी बीमा क्लेम लेते थे। बीमा माफिया पर कार्रवाई हुई है। 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया गया है। 67 लोगों को जेल भेजा गया है।