लखनऊ में सोमवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने 7-कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय पर 'जनता दर्शन' का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे सैकड़ों नागरिकों ने व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए।
भूमि विवाद और राजस्व मामलों पर विशेष फोकस
जनता दर्शन के दौरान अधिकांश मामले भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मुद्दों, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़े रहे। उप मुख्यमंत्री ने जमीन से जुड़े मामलों में संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजी जाए, ताकि मामलों का सार्थक और स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
मौर्य ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर फरियादी की समस्या का समयबद्ध, प्रभावी और संतुष्टिपरक निस्तारण होना चाहिए, जिससे पीड़ित को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। साथ ही, उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।