जनता दर्शन में डिप्टी सीएम केशव मौर्य।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के करीब तीन दर्जन जिलों से आए सैकड़ों नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि एवं राजस्व विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अनेक मामले सामने आए। उप मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनते हुए मौके पर ही आजमगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, कन्नौज और बहराइच समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों से फोन पर बात की और उन्हें त्वरित कार्रवाई के आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप होना चाहिए, क्योंकि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।
विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों की समस्याओं को प्राथमिकता पर सुलझाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है। भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए उन्होंने जिलाधिकारियों को राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराने तथा दबंगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
केशव प्रसाद मौर्य ने इस कार्यक्रम को सरकार और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाने और पात्र लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि कोई भी पीड़ित व्यक्ति अनावश्यक रूप से परेशान न हो, क्योंकि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।