डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर नेतृत्व ईमानदार है तो डरने की जरूरत नहीं है। नेतृत्व ईमानदार है तो निश्चित ही कठोर होगा। जब मुख्यमंत्री स्वयं और उनके सहयोगी 16 घंटे तक काम कर रहे हैं तो इस सरकार में सभी को काम करना पड़ेगा।
अगर डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री गलत होंगे तो वे अपने अधीनस्थ से किस मुंह से ईमानदारी की बात करेंगे। डॉ. शर्मा शुक्रवार को उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पीडब्ल्यूडी के 64वें अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कई बार इस विभाग में भी नदियों में सड़कें बन चुकी हैं। वे न सिर्फ बनी बल्कि उनका गुणवत्ता टेस्ट भी हो गया और उनका भुगतान हुआ। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। कई बार ई-टेंडरिंग में भी झोल हो जाते हैं। अफसरों पर दबाव बनाकर गलत काम करावाया जाता है।
पीडब्ल्यूडी के अपर मुख्य सचिव सदाकांत ने कहा कि विभाग का सम्मान बरकरार रखने के लिए ईमानदारी से काम करना होगा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से सभी परिचित हैं। उनकी कार्यशैली और क्षमता चंद समय में ही दिखने लगी है। इसलिए उनके कदम से कदम मिलाकर लोक निर्माण विभाग को भी चलना होगा। इसमें जूनियर इंजीनियरों का सहयोग बहुत जरूरी है।