खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में नए मंत्री के आने के साथ ही कार्रवाई का
सिलसिला भी तेज हो गया है। पहली बड़ी कार्रवाई बोर्ड मुख्यालय के दो वरिष्ठ
अधिकारियों के खिलाफ हुई है।
उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी (डिप्टी सीईओ)
सीईओ विनोद कुमार सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक राधाकृष्ण जौहरी को तत्काल प्रभाव
से निलंबित कर उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है।
इन
अधिकारियों पर गंभीर अनियमितताओं के और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। शासन के
निर्देश पर बोर्ड की ओर से इनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है।
डिप्टी सीईओ विनोद कुमार सिंह को मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र
नजीबाबाद बिजनौर से संबद्ध किया गया है। सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई
शुरू करते हुए विशेष सचिव हथकरघा एवं उद्योग विजय कांत दुबे को जांच सौंपी
गई है।
इसके पहले सिंह उनके खिलाफ विजिलेंस
और लोकायुक्त की जांच भी हो चुकी है। वहीं वरिष्ठ प्रबंधक राधाकृष्ण जौहरी
को परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय आजमगढ़ से संबद्ध किया गया है।
जौहरी के खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी होगी। इसमें वित्त
नियंत्रक/वित्तीय सलाहकार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में बोर्ड के उप
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (कार्मिक) भी शामिल होंगे।
जांच समिति एक महीने
में रिपोर्ट सौंपेंगी। जानकार बताते हैं कि इन अधिकारियों के खिलाफ
कार्रवाई का प्रस्ताव काफी समय से लंबित था।
हाल ही में मुख्यमंत्री की
इजाजत के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।