लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 में से आठ मृतकों के आश्रितों को ईपीएफओ ने मंगलवार को आर्थिक लाभ दिया। लखनऊ और कानपुर में रहने वाले इन आश्रित परिवारों को उनके घर जाकर भविष्य निधि, पेंशन और बीमा का लाभ दिया गया।
शुरुआत में मृतकों को विद्यार्थी समझा गया था, पर जांच में वे मैसर्स हेड हॉपर्स स्टूडियोज प्रा. लि. के कर्मचारी पाए गए। हादसे की जांच में सामने आया कि 15 मृतकों में से 13 कर्मचारी ईपीएफओ के सदस्य थे। शेष दो कर्मचारी वेतन सीमा से अधिक होने के कारण भविष्य निधि अधिनियम के दायरे से बाहर थे। घटना के बाद लखनऊ के क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय ने औद्योगिक दुर्घटना निगरानी प्रकोष्ठ को सक्रिय किया, जिससे मृतक सदस्यों की पहचान हो सकी और परिजनों से सीधा संपर्क साधा गया।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम अश्विनी कुमार गुप्ता ने बताया कि आठ मृतक सदस्यों के आश्रितों को भविष्य निधि और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा के तहत लगभग 5 से 6 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्हें मृत्यु प्रकरणों में देय अधिकतम पेंशन लाभ भी प्रदान किए गए हैं। शेष पांच प्रकरणों में से दो तकनीकी कारणों से प्रक्रियाधीन हैं, जिनका निस्तारण जल्द होगा। अन्य तीन प्रकरणों के लिए संबंधित ईपीएफओ कार्यालयों से पत्राचार और समन्वय स्थापित किया जा रहा है।