लखनऊ। शहर में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विकसित कॉलोनियों से लेकर जलभराव वाले इलाकों तक में मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। जनवरी से अब तक शहर में 500 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। नगर निगम के जोन आठ में सबसे ज्यादा 108 मरीज मिले हैं, जबकि जोन चार में 87 और जोन तीन में 60 मामले सामने आए हैं।
जोन आठ में सबसे ज्यादा मरीज
जोन आठ के शारदानगर, राजा बिजली पासी, खरिका, विद्यावती और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यहां अब तक 108 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें कुछ मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं।
जोन चार और तीन भी संवेदनशील
जोन चार के चिनहट द्वितीय, शहीद भगत सिंह प्रथम, गोमतीनगर, खरगापुर-सरसवां और इस्माइलगंज में 87 मरीज मिले हैं। वहीं, जोन तीन के अलीगंज, केशवनगर, त्रिवेणीनगर, खदरा और फैजुल्लागंज में अब तक 60 मामले सामने आए हैं। फैजुल्लागंज में बाढ़ के बाद पानी घटने से कई जगह नमी और जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में लार्वा बढ़ने पर मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही हैं और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जोन छह और सात में भी मरीज
जोन छह में ठाकुरगंज, चौक, बालागंज, हुसैनाबाद, मल्लाहीटोला, आलमनगर और सआदतगंज समेत इलाकों में 59 मरीज मिले हैं। जोन सात के इंदिरानगर, विकासनगर, खुर्रमनगर, मल्हौर, भरवारा, कमता और पॉलीटेक्निक के आसपास 56 मामले सामने आए हैं। जोन एक में 28 और जोन दो में 30 मरीज मिले हैं।
इसलिए बढ़ रही बीमारी...ऐसे करें बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के बाद जलभराव और कूलर, गमलों और टायरों में जमा पानी में मच्छरों के लार्वा पनपने से डेंगू का प्रकोप बढ़ा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, लोगों को नियमित रूप से इनकी सफाई करनी चाहिए। कूलर और गमलों का पानी हर तीन-चार दिन में बदलें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और घर के आसपास जलभराव न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छररोधी साधनों का इस्तेमाल करें।
तेज बुखार होने पर कराएं जांच
डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर और आंखों के पीछे दर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। नाक या मसूड़ों से खून आने अथवा तेज पेट दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार होने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।