डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है। प्रदेश के अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। इसका इलाज भी निःशुल्क है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी डेंगू से निपटने के इंतजाम हैं। तेज बुखार अथवा अन्य लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं। सभी अस्पतालों को डेंगू की रोकथाम के निर्देश दे दिए गए हैं। यह कहना है कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का।
सोमवार को उन्होंने एक तरफ अफसरों को डेंगू से निपटने के पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए तो दूसरी तरफ लोगों से अपील की कि इस बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अस्पतालों में प्लेटलेट्स, रक्त और बेड की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ने पर डेंगू के हर मरीज को भर्ती करने का इंतजाम है। मौसम बदलने की वजह से लोगों को वायरल बुखार भी आ रहा है। अगर लक्षण दिखाई देते हैं तो डेंगू की जांच जरूर कराएं। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे डेंगू का प्रसार रोकने के लिए अपने स्तर पर भी प्रयास करें। कहीं पर भी पानी जमा न होने दें। इसी पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग एवं नगर विकास विभाग लगातार मिलकर कार्य कर रहे हैं। साफ-सफाई के साथ एंटीलार्बल स्प्रे, फॉगिंग, डेंगू बचाव के प्रति जागरुकता अभियान आदि चलाए जा रहे हैं।
हर बुखार डेंगू नहीं
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनकी चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ लगातार बैठकों हो रही हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से भी बुखार होता है। हर बुखार डेंगू की वजह से नहीं होता है। रक्त में प्लेटलेट की कमी होना डेंगू बुखार की पुष्टि नहीं करता है। वायरल बुखार में भी प्लेटलेट में कमी आती है। बुखार होने पर आसपास के सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं। वहां चिकित्सक जांच के बाद यह सुनिश्चित करेंगे कि डेंगू है या नहीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों एवं वृद्धों का विशेष ध्यान रखें। कूलर, पानी की टंकी, पुराने टायर आदि की सफाई रखें।