लखनऊ। डेंगू, मलेरिया व चिकुनगुनिया के सही प्रबंधन और सही इलाज से किसी भी अनहोनी को रोका जा सकता है। लखनऊ में आसपास के 15 जिलों से लोग सरकारी और निजी दोनों ही अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इलाज के प्रोटोकॉल पर ध्यान दिया जाए। यह कहना है सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का। वह शनिवार को स्वास्थ्य विभाग व निजी संस्था की ओर से संचारी रोगों पर हुई कार्यशाला में बोल रहे थे।
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. गोपी लाल ने बताया कि सरकारी और निजी दोनों ही चिकित्सालयों में डेंगू और चिकनगुनिया के इलाज के नवीन प्रोटोकॉल के लागू होने पर रोगियों को और बेहतर व एक समान इलाज मिल सकेगा। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, सभी बुखार के मरीजों की तुरंत मलेरिया जांच जरूरी है।
कार्यशाला में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों व नर्सिंग होम संचालकों को डेंगू, चिकुनगुनिया व मलेरिया रोगियों के उपचार व प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया गया। मास्टर प्रशिक्षक के रूप में केजीएमयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंबुज यादव और राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल गुप्ता मौजूद रहे।