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बाबुओं-कर्मचारियों की मुरादें पूरी करने की तैयारी

Sun, 08 Sep 2013 02:17 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
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जल्द ही बाबुओं और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की कई मुरादें पूरी हो सकती हैं।
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राज्य सरकार आने वाले कुछ दिनों में कर्मचारियों को लेकर कई अहम फैसले करने की तैयारी में है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

वहीं 30 सितंबर के पहले कई नियमावलियों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है जिससे कर्मचारियों की सहूलियतें बढ़ेंगी।

कार्मिक विभाग के सूत्रों का कहना है कि हाल ही में प्रमुख सचिव कार्मिक राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इसमें वित्त, कार्मिक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा के अधिकारियों अलावा कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र के नेतृत्व में कर्मचारी व शिक्षक नेता भी शामिल हुए थे।

बैठक में कर्मचारी संगठनों की कई लंबित मांगों पर प्रमुख सचिव की ओर से स्पष्ट और लिखित आश्वासन दिया गया। प्रमुख सचिव ने बैठक में लिए गए निर्णय के संबंध में कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दे दिए हैं।
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दैनिक कर्मचारियों को भी पेंशन का लाभ देने का प्रस्ताव
राज्य सरकार ऐसे दैनिक वेतनभोगी, वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देने पर विचार कर रही है जो विनियिमतीकरण के बाद 10 वर्ष की सेवा पूरी नहीं कर पाए।

कर्मचारी और शिक्षक लंबे समय से इस मांग पर कार्यवाही की मांग कर रहे थे। इन्हें पेंशन का लाभ देने के लिए प्रमुख सचिव वित्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

बाबू, लेखा, स्टेनोग्राफर्स की नीतियों पर मुहर जल्द
नीति न होने से तमाम तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे लिपिकीय संवर्ग, लेखा संवर्ग व स्टेनोग्राफर्स संवर्ग के कर्मियों के लिए भी उम्मीद भरी खबर है।

प्रमुख सचिव कार्मिक ने 30 सितंबर से पहले इनकी नियमावलियों को मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही वेतनमान प्रभावी करने के लिए वित्त विभाग में एक प्रकोष्ठ गठित कर दिया गया है।

सीटी ग्रेड मामले पर करेगी विचार
सरकार ने सीटी ग्रेड की सेवाओं का लाभ प्रोन्नत या चयनित वेतनमान देने पर विचार के लिए माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

प्रोन्नत वेतनमान के लिए पीजी उपाधि की अनिवार्यता को समाप्त करने के संबंध में भी सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि पीजी उपाधि की अनिवार्यता समाप्त करने के संबंध में पत्रावली वित्त विभाग को सौंप दी गई है।

तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का मामला
बैठक में तदर्थ रूप से कार्यरत माध्यमिक शिक्षकों के विनियमितीकरण से जुड़ी मांग पर विचार हुआ।

बताया जा रहा है कि गैर शासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में तदर्थ रूप से कार्यरत शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों के विनियमितीकरण के संबंध में कुछ बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई थीं।

अधिकतर जिलों से सूचनाएं मिल भी गई हैं। सभी जिलों से सूचनाएं मिलने के बाद कार्यवाही में तेजी आने की उम्मीद है।

मृतक आश्रित नियमावली में होगा संशोधन
मृतक आश्रित नियमावली के अंतर्गत समूह ग के पद पर सेवायोजन के समय कंप्यूटर टाइपिंग से छूट से जुड़े मांग पर भी बैठक में चर्चा हुई। शासन की ओर से कहा गया कि इस छूट की जगह छह महीने में कम्प्यूटर टाइपिंग पास करनी होगी।

यदि कर्मी उत्तीर्ण नहीं होता है ता उसे छह महीने का एक और मौका दिया जाएगा। इसमें भी वह पास नहीं है तो उसे चतुर्थ श्रेणी के पद पर समायोजित कर दिया जाएगा।

एसजीपीजीआई में इलाज के लिए रिवॉल्विंग फंड जल्द
एजीपीजीआई में राज्य कर्मियों के इलाज के लिए सरकार ने नियमावली तैयार कर ली है। इसमें एसजीपीजीआई की भी राय मांगने का प्रस्ताव था। बैठक में बताया गया कि नियमावली का विधिक परीक्षण हो चुका है।

ऐसे में एसजीपीजीआई से राय लेने की जरूरत नहीं है। संकेत हैं कि कैबिनेट की अगली बैठक में नियमावली को अनुमति के लिए रखा जा सकता है।

परीक्षा के जरिये प्रमोशन पर होगा विचार
चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर बहरहाल सहमति नहीं बन पाई। अब सीमित परीक्षा के जरिये पदोन्नति करने पर विचार किया जाएगा।

इस संबंध में कर्मचारी-शिक्षक मोर्चा से प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा कार्मिक विभाग ने बताया कि उच्च पदों पर समय से पदोन्नति के लिए परिवीक्षाकाल को समाप्त करने की मांग पर कार्यवाही चल रही है।

कर्मचारी-शिक्षक मोर्चा का 10 सितंबर का आंदोलन स्थगित
कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र ने बताया कि शिक्षणेतर कर्मियों को राज्य कर्मियों के समान वेतन, भत्ते व सुविधाएं देने का निर्णय कैबिनेट कर चुकी है।
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संविदा कर्मियों की नियमावली जारी हो गई है जिसमें उन्हें न्यूनतम वेतन, भत्ते, 20 दिन का अवकाश और महिला कर्मियों को शिशु देखभाल अवकाश मिलेगा।

श्र ने बताया कि प्रमुख सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लगभग सभी मांगों पर समयबद्ध कार्यवाही का निर्णय हुआ है। सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए 10 सितंबर को विधानभवन घेराव के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
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