लखनऊ। नवरात्र में मखाना, गरी का गोला समेत अन्य सूखे मेवों की मांग बढ़ने से इनके दाम बढ़ गए हैं। फलाहार से लेकर माता रानी की माला बनाने में इनका इस्तेमाल खूब होता है। 240 रुपये वाली किशमिश अब 320 रुपये प्रति किलो हो गई है।
भूतनाथ मार्केट के सूखे मेवे के कारोबारी कमल अग्रवाल बताते हैं कि किशमिश के रेट 80 रुपये किलो तो गरी गोला के दाम 30-40 रुपये पीस बढ़े हैं। मखाना की मांग पांच गुना तक बढ़ी है। बताया कि मखाने की बिक्री का जो औसत एक दिन में 10 किलो का था, वह अब हर रोज 50 किलो हो गया है। सबसे ज्यादा बिक्री मखाने की ही बढ़ी है।
अलग-अलग बाजार में मखाना की कीमतें अलग
थोक बाजार में जो मखाना 1200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, वह फुटकर में 1400 रुपये प्रति किलो है, लेकिन खुला मखाना की उपलब्धता बहुत ही कम है। अधिकतर दुकानदार पैकिंग आयटम ही रख रहे हैं, लेकिन इनकी कीमत डेढ़ गुना 1800 रुपये या इससे ज्यादा है। निशातगंज के किराना कारोबारी संतोष गुप्ता ने बताया कि खुले में मखाना 1400 रुपये किलो है। वहीं, कुछ अन्य दुकानों पर मौजूद मखाने के 250 ग्राम के पैकेट की कीमत 450 रुपये तक है जो कि 1800 रुपये प्रति किलो हुई। क्वालिटी के लिहाज से कुछ पैकेट 2000 रुपये प्रति किलो तक भी बिक रहे हैं।
महंगाई के पीछे अच्छी क्वालिटी वजह
लखनऊ किराना व्यापार मंडल के महामंत्री प्रशांत गर्ग बताते हैं कि थोक और फुटकर बाजार में गुणवत्ता का असर दिखता है। थोक में मखाना की गुणवत्ता सामान्य होती है, जबकि पैकिंग में गुणवत्ता अलग व बेहतर होती है। इसके अलावा फुटकर में धीरे-धीरे माल बिकता है, लंबे समय तक दुकानदार का पैसा फंसा रहता है, इसलिए पैकिंग थोड़ा महंगा, पर अच्छा होता है।