निजी नर्सिंग होम की महिला डॉक्टर की लापरवाही ने नवजात की जान ले ली।
आरोप है कि महिला डॉक्टर ने डिलीवरी की तारीख से एक माह पहले ही ऑपरेशन करके बच्चे को निकाल दिया।
इससे नवजात की हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे अपनी ब्रांच के एक अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।
घरवालों ने डॉक्टर पर बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
घरवालों का आरोप है कि उन्हें बेटा हुआ था। मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत बच्ची पकड़ा दी।
घरवालों की तहरीर पर पुलिस ने नर्सिंग होम संचालिका समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, लखीमपुर के रानीगंज निवासी व्यवसायी अभिषेक गुप्ता की पत्नी बेबी (24) को मोती महल लॉन स्थित निजी सेंटर में 15 दिन पहले महिला डॉक्टर चंद्रावती ने बुलाया था।
डॉक्टर चंद्रावती ने प्रसव की तारीख 16 अगस्त दी थी। मंगलवार सुबह सात बजे गर्भवती का ऑपरेशन कर दिया। इससे नवजात की हालत बिगड़ गई।
महिला डॉक्टर ने उसे हसनगंज स्थित अपनी ब्रांच के क्रिटिकल केयर यूनिट में रेफर कर दिया, जहां पर बुधवार शाम इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।
घरवालों ने डॉक्टर पर बेटे की जगह मृत बेटी सुपुर्द करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घरवालों को शांत कराया। अभिषेक का आरोप है कि नर्सिंग होम संचालिका चंद्रावती को विदेश दौरे पर जाना था।
इसके लिए उन्होंने एक माह पहले ही उनकी पत्नी का ऑपरेशन कर दिया।
घरवालों ने डॉ. चंद्रावती व डॉ. आशुतोष के खिलाफ बच्चा बदलने व लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।