चिनहट में ठेकेदार ने जानबूझकर दो मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरण 20 फीट गहरे सीवर में उतार दिया। जहरीली गैस की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। काफी देर तक कोई हरकत न देख ठेकेदार वहां से भाग निकला।
इस बीच मैनहोल में मजदूरों के फंसे होने की खबर चारों तरफ फैल गई। इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस-फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचीं और दोनों के शव बाहर निकाले गए। घटना का शोर मचते ही जल निगम ने कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया।
ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार सिंह ने बताया कि घटना चिनहट के अयोध्या रोड पर डीपी बोरा पेट्रोलपंप के पास की है। मृतक मजदूर शहाबुद्दीन और रैबुल आजाद खान मूलरूप से असम के बरबतली भंवर के रहने वाले थे।
यहां डालीगंज के कश्यपनगर में झोपड़ी बनाकर रहते थे। शहाबुद्दीन का रिश्ते का साला नाला सफाई ठेकेदार है।शनिवार दोपहर में वह दोनों को सफाई के लेकर गया था। सीवर में जहरीली गैस में दोनों का दम घुट गया वे मर गए। जल निगम के एमडी अनिल वाजपेयी ने प्रारम्भिक तौर पर इंजीनियरों की लापरवाही की बात कही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिशासी अभियंता खालिद अहमद, सहायक अभियंता अविनाश सिंह और अवर अभियंता मनीष वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।