जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन ने अपने भाई डॉ. परवेज को भी जिहाद के रास्ते पर जाने के लिए बरगलाया था। उसे हथियारों को लाने और नेटवर्क से जुड़े डॉक्टरों को संदेश भेजने का काम सौंपा गया था। वर्ष 2021 में डॉ. परवेज भी मालदीव गया था।
एजेंसियों ने जब उसका बैकग्राउंड खंगाला तो पता चला कि 2021 के बाद डॉ. शाहीन ने उसका ब्रेनवॉश किया, जिसके बाद वह भी कट्टरपंथी बन गया। उसने अपना हुलिया भी पूरा बदल दिया। डॉ. शाहीन ने उसे बिना इंटरनेट वाला फोन इस्तेमाल करने के लिए कहा था। ताकी गतिविधियों को ट्रेस नहीं किया जा सके।
जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया है कि फरीदाबाद माड्यूल के निशाने पर खासकर दिल्ली और बड़े धार्मिक स्थल थे। इस माड्यूल को जैश-ए-मोहम्मद बीते चार साल से तैयार कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक जैश-ए-माेहम्मद आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए प्रोफेशनल्स पर ही भराेसा करता है, जिसकी वजह से यह माड्यूल तैयार किया गया था।