डॉ. परवेज के हिरासत में लिए जाने के बाद मुत्तकीपुर के तकवा कॉलोनी समेत पूरे इलाके में पुलिस और एटीएस की छापेमारी की चर्चा रही। बुधवार सुबह से ही इलाके में लोग डॉ. परवेज को लेकर बागें करते दिखे। मुत्तकीपुर गांव से सटी तकवा कॉलोनी में कई लोग उसका घर देखने पहुंचे। कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग इश्तियाक ने बताया कि डॉ. परवेज आमतौर पर किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। कभी-कभी मुलाकात होने पर केवल दुआ-सलाम होता था। एक अन्य युवक ने बताया कि डॉ. परवेज मस्जिद में मोबाइल पर कुरान पढ़ता था। इसे लेकर कुछ लोगों से उसका विवाद भी हुआ था, जिसके बाद वह कुछ समय तक मस्जिद नहीं आया। गांव के एक बुजुर्ग ने अफसोस जताते हुए कहा कि बाहर से आकर लोग यहां घर बनाते हैं और फिर किसी गलत गतिविधि में लिप्त पाए जाते हैं। इससे बदनामी पूरे गांव की होती है।
दिल्ली में आतंकी हमले और फरीदाबाद के डॉक्टरों के आतंकी माड्यूल की कड़ियों को जोड़ रही जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राजधानी निवासी डॉ. परवेज अंसारी पर शक गहराता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस उसे फरीदाबाद ले गई है, जहां तमाम एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती पड़ताल में उसके बेहद कट्टरपंथी होने के सुराग तो मिले हैं, लेकिन फरीदाबाद माड्यूल में उसकी संलिप्तता का कोई ठोस सुराग अभी हाथ नहीं लगा है। अब जांच एजेंसियां उसके घर से बरामद मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को खंगालने में जुटी हैं।
सूत्रों की मानें तो परवेज का अपनी बहन डॉ. शाहीन और उसके मित्र डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। हालांकि उसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने की वजह से अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अधिकारियों को शक है कि वह फरीदाबाद के डॉक्टरों के उस माड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर देश के कई शहरों में आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था। वहीं दूसरी ओर सहारनपुर के अस्पताल में नौकरी करने वाले अनंतनाग निवासी डॉ. आदिल अहमद की शादी में गए उसके साथी डॉक्टरों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। इस शादी में शामिल अन्य लोगों के बारे में छानबीन की जा रही है। बता दें कि सहारनपुर के डॉ. बिलाल और डॉ. असलम जैदी के साथ परवेज भी इस शादी में शामिल होने के प्रमाण तलाशे जा रहे हैं। वहीं एटीएस ने परवेज के घर को बुधवार को भी खंगाला और उसकी अल्टो कार को कब्जे में ले लिया। वहीं एटीएस के अधिकारी आईबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा बताए गए संदिग्धों के ठिकानों पर छानबीन करने में जुटी है।